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स्वर्णप्राशन आरम्भ करने का अगला शुभ

पुष्यनक्षत्र: 08 अगस्त

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Swarnprashan

  • Mashtishk Rog Nashini मस्तिष्क रोग नाशिनी (New Refill pack)

    पंचगव्य घृत युक्त नासिका का रिफिल पैक

    यह मस्तिष्क से सम्बंधित रोगों के लिए लाभकारी है |

    It is beneficial for diseases related to the brain.

     

    बाहरी उपयोग में लाने हेतु निर्मित (नासिका)

    Made for external use in nostrils

     

    पंचगव्य बूंद औषध (नासिका) बाहरी उपयोग के लिए उपयोगी, दर्द में इससे मालिश भी कर सकते है

    1. यह घृत में बना है अत: यदि जमा हुवा है तो बोतल को गर्म जल में डूबकर गुनगुना कर लें और पूर्णतः तरल हो जाने पर ही प्रयोग करें
    2. नाक के दोनों छिद्रों (नासिका) में 2 से 3 बूंद डाल सकते है (उपयूक्त समय सुबह 11 बजे और रात्रि शयन से पूर्व है)
    3. मूलाधार में ¼ चम्मच लगा सकते है (उपयुक्त समय प्रातःकाल और सायंकाल मल त्यागने के बाद अंगुली डालकर गुदाद्वार पर अंदर तक लगाए।
    150.00

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