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स्वर्णप्राशन आरम्भ करने का अगला शुभ

पुष्यनक्षत्र: 08 अगस्त

To know All about

Swarnprashan

  • मंत्रौषधि स्वर्णप्राशनं / Mantroushadhi Swarnprashanam (प्रतिदिन देने के अनुसार कम से कम 5 आर्डर करें – बार बार मंगवाने के खर्च से बचने हेतु) )

    *कश्यपसंहिता में वर्णित 3 हज़ार वर्ष पुराना 
    आयुर्वेदिक टीकाकरण – स्वर्णप्राशन*

     

    • बालक की रोगप्रतिकार क्षमता बढती है
    • बालक के शारीरिक विकास में सकारात्मक गति लाता हैबालक के शारीरिक विकास में सकारात्मक गति लाता है
    • यह स्वर्णप्राशन स्मरणशक्ति और धारणशक्ति (grasping ability) बढाने वाले कई महत्वपूर्ण औषध से बना है।
    • पाचनक्षमता बढाता है
    • शारीरिक और मानसिक विकास के कारण वह ज्यादा चपल और बुद्धिमान बनता है।
    • स्वर्णप्राशन मेधा (बुद्धि), अग्नि ( पाचन अग्नि) और बल बढानेवाला है।
    • यह आयुष्यप्रद, कल्याणकारक, पुण्यकारक, वृष्य (पदार्थ जिससे वीर्य और बल बढ़ता है),
    • वर्ण्य (शरीर के वर्ण को तेजस्वी बनाने वाला) और ग्रहपीडा को दूर करनेवाला है
    • स्वर्णप्राशन के नित्य सेवन से मेधायुक्त बनता है श्रुतधर (सुना हुआ सब याद रखनेवाला) बनता है, अर्थात उसकी स्मरणशक्त्ति अतिशय बढती है।
    • Strong immunity Enhancer 
    • Ensures Physical development
    • Memory Booster
    • Makes child positively active and Intellect
    • Increased Digestive Power
    200.00
  • मंत्रौषधि जल शुद्धि बूँद / Water Purifier Drops : RO का आयुर्वेदिक विकल्प (30ml)

    RO का आयुर्वेदिक विकल्प

     

    मंत्रौषधि जल शुद्धि बूँद / Water Purifier Drops – for IDEAL pH

     

    आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथो में जल को शुद्ध करने के लिए विभिन्न औषधियों का वर्णन किया गया है ।

    जल को शुद्ध करनेवाली विभिन्न औषधियाँ प्रायः नदी के किनारे पर होती है और ऐसी औषधियों में निर्मलीबीज, नागरमोथ, केतकी इत्यादि मुख्य है ।

    इस प्रकार की औषधियाँ को मिश्रित करके गंगाजल में मिलाकर-गोमय भस्म का संयोजन करके विशिष्ट पद्धति से यह ड्रॉप्स बनाये जाते है ।

    फिटकरी का उपयोग होने से तो विशेष प्रभावी होता है ।

     

    प्रति 30 ml में घटक:

    1. निर्मली बीज
    2. मोरिंगा पत्ते
    3. कमल की जड़
    4. मोती का चूना
    5. फिटकरी
    6. हल्दी
    7. कढ़ी पत्ता
    8. तुलसी
    9. स्पिरुलिना  शैवाल
    10. अग्निहोत्र भस्म
    11. गंगा जल

    लाभ :

    • फिटकरी कचरे को नीचे बिठाता है ।
    • पानी में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है ।
    • पानी से होनेवालें रोगों से बचाता है ।
    • पानी को पचने में हल्का बनाता है ।
    • गंगाजल से पानी शुद्ध एवं पवित्र होता है ।
    • मोरिंगा पानी को शुद्ध करता है तथा पानी में प्राण को बढ़ाता है ।
    • Spiriluma एक प्रकार का शैवाल है, जो पानी को ऊर्जायुक्त करता है ।
    • पानी को शुद्ध करने तथा Ph Value बढाने के लिए मोती के चूने का भी उपयोग किया जाता है ।
    60.00
  • Baby Massage Ayurvedic Oil / बला अश्वगंधादि मालिश तैलम – 100ml

    21 शुद्ध आयुर्वेदिक तत्वों का शुद्ध मालिश हेतु तेल

    घटको की सूची के लिए चित्र देखें

    150.00
  • बाल रक्षा औषधी: केश तेल / Ayurvedic Hair Oil – 100m

    एक दिन के बालक से लेकर सभी आयु के लोगो के लिए उपयोगी

    तेल एक गुण अनेक

    घटक:

    • तिल तेल
    • नारियल तेल
    • बादाम तेल
    • एरंड तेल
    • ब्राह्मी
    • शंखपुष्पी
    • गुलाब
    • चन्दन
    • भृंगराज
    • त्रिफला
    • गोदुग्ध
    • अजा दुग्ध
    • जटामांसी
    • गुंजा
    • बोदर
    • नीली
    120.00
  • दन्तमंजन: बच्चो व बड़े सबके लिए / Toothpowder for Kids And everyone – 50 Gm

    100% Chemical Free Herbal Tooth powder
    100% Safe for Children as well

     

    दंत-धावनार्थ 100ः रसायन मुक्त मंजन

    पेट में जाने पर भी किसी प्रकार की कोई हानि नहीं

    घटक:

     

    • सुंठ
    • पीपल
    • नागरमोथा
    • काली मिर्च
    • दालचीनी
    • अग्निहोत्र गोमय भस्म
    • कपूर
    • लौंग
    • इलाइची
    • मायाफल
    • सेंधा नमक
    • कालानमक
    • त्रिफला
    • शुद्ध फिटकरी
    • करंज
    • बबूल पाउडर
    • नीम पाउडर
    • इरिमेदादि तेल
    65.00
  • Ayurvedic Mouth Cleaner / मंत्रौषधि आयुर्वेदिक माउथ क्लीनर – 100ml – (गंगाजल से बना)

    गंगाजल से बना सर्वप्रथम मंत्रौषधि आयुर्वेदिक माउथ क्लीनर

     

    कृत्रिम रसायन एवं प्रेज़रवेटिव रहित
    दुष्प्रभाव रहित

    आयुर्वेद के ग्रंथो में दांतो, मसूड़ों एवं मुख शुद्धि के लिए मुख में लार ग्रंथियों जी उत्तेजित करके

     

    मुख का चिकनापन दूर करने के लिए विविध औषधियाँ बताई गई है जैसे बबूल, कर्पूर, बकुल, पंचवालकल क्वाथ

     

    जैसी सभी औषधियों का मिश्रण करके शास्त्रीय पद्धति से बनाया गया है, प्रतिदिन दंतमंजन करने के पश्चात इसके

     

    द्वारा कुल्ला करने से लाभ मिलता है 

     

    Bharat’s first mouth cleaner made from Gangajal

     

    No Artificial Preservatives, Flavor or additives

    60.00
  • Memory Power Oil / मंत्रौषधि स्मृति वर्धक तैलम – 30ml

    स्मृति वर्धक तैलम

    कृत्रिम रसायन एवं प्रेज़रवेटिव रहित
    दुष्प्रभाव रहित

    गुण:

    • स्मरण एवं मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ाता है
    • सर्दी खांसी एवं सरदर्द में भी लाभकारी
    • इसे नस्य की तरह भी प्रयोग किया जा सकता है (सरदर्द हेतु दोनों नाक में एक-एक बूँद डालें)

    उपयोग:

    • 3 -10 वर्ष की आयु को 3 बूँद
    • 10 वर्ष से ऊपर की आयु को 5 बूँद पतासा या दूध के साथ प्रतिदिन सुबह और शाम सेवन करें

    घटक:
    ज्योतिष्मती तेल
    ब्राह्मी
    शंखपुष्पी
    जटामांसी
    अश्वगंधा
    वज
    पंचगव्य एवं ब्राह्मी घृत युक्त

     

    200.00
  • Vaat Rog Har Syrup / मंत्रौषधि वात रोग हर सिरप – 200ml

    लाभ: वात रोग जनित दर्द से आराम हेतु

    सेवन: बच्चो के लिए : 1 चम्मच दिन में तीन बार
    बड़ो के लिए:   2 चम्मच दिन में तीन बार या चिकित्सक का परामर्शानुसार

    120.00
  • Welcome Teeth / दन्त स्वागत – 15ml

    बच्चो के दाँतों का स्वागत करें वेलकम टीथ के साथ

    लाभ: छोटे बच्चो को दांत आते समय होने वाले अतिसार, पेट दर्द, बुखार आदि में लाभकारी

    150.00
  • MestroGreen Capsules (Veg) – मासिक संबंधित समस्याओ के लिए (30 Capsules) (Not for PREGNANT LADIES)

    मासिक संबंधित समस्याओ के लिए

    MestroGreen Capsules (Veg)

    घटक (प्रत्येक 500mg कैप्सूल में है):
    1. रज:प्रवर्तिनीवटी 150 mg
    2. कन्यालोहादि वटी – 150 mg
    3. हींगु (निर्यास) – 100 mg
    4. शुद्ध सुहागा -100 mg
    लाभ :
    • मासिक धर्म की गड़बड़ी दूर करके मेन्सिस साईकल को नियमित करें ।
    • गर्भाशय को शुद्ध करके गर्भाशय की विकृतियों को दूर करें ।
    • गर्भाशय का पोषण करके गर्भाशय को सबल बनाता है ।
    उपयोग: 

    सुबह-दोपहर-शाम एक कैप्सूल पानी के साथ लें ।

    किसको लेना चाहिए: 
    • मेन्सिस अनियमित हो या किसी भी मासिकधर्म संबंधित विकृति में किसी भी आयु की स्त्री सेवन कर सकती है ।

    चेतावनी:

    • गर्भावस्था में इसका सेवन न करें

    **************************

     

    ONTAINS : Each 500 mg capsule contains

    1. Rajah Pravartini Vati: 150 mg
    2. Kanyalohadi Vati: 150 mg
    3. Hing Niryas: 100 mg
    4. Shuddha Suhaga: 100 mg
    Benefits:
    • Very useful in making periods regular
    • Makes Uterus healthy and gets rid of its other problems
    • Nourishes Uterus and makes it strong
    Usage –

    Take one capsule three times a day (Morning-Afternoon-Evening) with water.

    Who Should Take it:
    • Any lady suffering from irregular periods or any other mensuration related problems can take this.

    CAUTION : Who Should NOT Take it:

    • Should not be consumed during pregnancy

     

    160.00
  • LeucoGreen Syrup / ल्यूकोग्रीन सिरप – मासिक संबंधित समस्याओ के लिए (200ml) Not for PREGNANT LADIES)

    मासिक संबंधित समस्याओ के लिए

    LeucoGreen Syrup / ल्यूकोग्रीन सिरप

    घटक:

    1. द्रव्यादि क्वाथ – 100 mg
    2. मायाफल – 50 mg
    3. पुष्यानुग चूर्ण – 100 mg
    4. लोधर चूर्ण – 100 mg
    5. तनकानखर – 25 mg
    6. धावादी – 50 mg
    7. पतंगा – 50 mg
    8. उशीर – 25 mg
    लाभ :
    • यह सिरप स्त्रियों के प्रदर रोग में बहुत लाभदायी है ।
    • महिलाओं के श्वेत प्रदर, रक्त प्रदर एवं प्रदर के कारण होनेवाली विभिन्न तकलीफों को बहुत फायदा करता है ।
    • अनेक महिलाओं को प्रदर के कारण शरीर में कमजोरी आती है और शरीर निरंतर घिसता जाता है, ऐसे रोगों में “ल्युकोग्रीन सिरप” शरीर का घिसना बंध करके शरीर को स्वस्थ और सबल बनाता है ।
    • गर्भाशय के विभिन्न दोषों को दूर करके गर्भाशय को शुद्ध एवं सबल बनाता है ।
    • मासिक की विविध समस्याओं का निराकरण करके स्त्री को संपूर्ण स्वस्थ बनाता है ।
    उपयोग: 

    सुबह-दोपहर-शाम भोजन के बाद 2-2 चम्मच समभाग (अर्थात जितने चम्मच औषधि उतना ही पानी) पानी के साथ लें ।

    किसको लेना चाहिए: 
    • प्रदर रोग से पीडित कोई भी महिला एवं स्वस्थ महिला भी स्वस्थ रहने के लिए इसका सेवन कर सकती है ।
    • अनियमित मासिक आता हो ऐसी महिला भी इसका सेवन कर सकती है ।

     

    चेतावनी:

    • मासिक स्त्राव अधिक मात्रा में आता हो ऐसी महिला इसका सेवन न करें ।

    • गर्भावस्था में इसका सेवन न करें

     

    *******************

    Contains:

    • Darvyadi Kwath: 100 mg
    • Mayafal: 50 mg
    • Pushyanug Churna: 100 mg
    • Lodhar Churna: 100 mg
    • Tankankhar: 25 mg
    • Dhavadi: 50 mg
    • Patanga: 50 mg
    • Ushir: 25 mg
    Benefits:
    • This Syrup is very useful in Leucorrhea
    • Helps in different problems due to all type of Leucorrhea
    • Very useful in weakness due to Leucorrhea
    • Takes care of Uterus related problems and make it strong and very healthy.
    • Takes care of many period related problems and hence increases overall health.

     

    Usage –

    Take 2 teaspoon syrup three times a day (Morning-Afternoon-Evening) after meal mixed with equal amount of water.

    Who Should Take it:
    • Any lady who is suffering form Leucorrhea
    • Syrup can also be taken for general health by ladies.
    • Any lady who is sufferings from irregular periods can also consume it

    CAUTION : Who Should NOT Take it:

    • Ladies suffering from Excess Bleeding during period should not take it.
    • Should not be consumed during pregnancy

     

    150.00
  • Organic Castor Oil / अरंड का तेल – 100 ml (Glass Bottle)

    Organic castor oil is made up from organic castor through cold process.

    No Preservative or Additives

    Can be applied on Skin, Hair and Nails

    Benefits :

    • A powerful laxative
    • Excellent in reducing constipation
    • Fight against fungal infection
    • A natural moisturiser
    • Best in hair revitalizer
    • Frizzy hair & split ends, Dandruff
    • Source of vitamin E, protein and omega 6 fats
    • Anti bacterial properties
    75.00

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