मंत्रौषधि जल शुद्धि बूँद / Water Purifier Drops : RO का आयुर्वेदिक विकल्प (30ml)

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RO का आयुर्वेदिक विकल्प

 

मंत्रौषधि जल शुद्धि बूँद / Water Purifier Drops – for IDEAL pH

 

आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथो में जल को शुद्ध करने के लिए विभिन्न औषधियों का वर्णन किया गया है ।

जल को शुद्ध करनेवाली विभिन्न औषधियाँ प्रायः नदी के किनारे पर होती है और ऐसी औषधियों में निर्मलीबीज, नागरमोथ, केतकी इत्यादि मुख्य है ।

इस प्रकार की औषधियाँ को मिश्रित करके गंगाजल में मिलाकर-गोमय भस्म का संयोजन करके विशिष्ट पद्धति से यह ड्रॉप्स बनाये जाते है ।

फिटकरी का उपयोग होने से तो विशेष प्रभावी होता है ।

 

प्रति 30 ml में घटक:

  1. निर्मली बीज
  2. मोरिंगा पत्ते
  3. कमल की जड़
  4. मोती का चूना
  5. फिटकरी
  6. हल्दी
  7. कढ़ी पत्ता
  8. तुलसी
  9. स्पिरुलिना  शैवाल
  10. अग्निहोत्र भस्म
  11. गंगा जल

लाभ :

  • फिटकरी कचरे को नीचे बिठाता है ।
  • पानी में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है ।
  • पानी से होनेवालें रोगों से बचाता है ।
  • पानी को पचने में हल्का बनाता है ।
  • गंगाजल से पानी शुद्ध एवं पवित्र होता है ।
  • मोरिंगा पानी को शुद्ध करता है तथा पानी में प्राण को बढ़ाता है ।
  • Spiriluma एक प्रकार का शैवाल है, जो पानी को ऊर्जायुक्त करता है ।
  • पानी को शुद्ध करने तथा Ph Value बढाने के लिए मोती के चूने का भी उपयोग किया जाता है ।
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Description

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RO का आयुर्वेदिक विकल्प

मंत्रौषधि जल शुद्धि बूँद / Water Purifier Drops – for IDEAL pH

आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथो में जल को शुद्ध करने के लिए विभिन्न औषधियों का वर्णन किया गया है ।

जल को शुद्ध करनेवाली विभिन्न औषधियाँ प्रायः नदी के किनारे पर होती है और ऐसी औषधियों में निर्मलीबीज, नागरमोथ, केतकी इत्यादि मुख्य है ।

इस प्रकार की औषधियाँ को मिश्रित करके गंगाजल में मिलाकर-गोमय भस्म का संयोजन करके विशिष्ट पद्धति से यह ड्रॉप्स बनाये जाते है ।

फिटकरी का उपयोग होने से तो विशेष प्रभावी होता है ।

प्रति 30 ml में घटक:

  1. निर्मली बीज
  2. मोरिंगा पत्ते
  3. कमल की जड़
  4. मोती का चूना
  5. फिटकरी
  6. हल्दी
  7. कढ़ी पत्ता
  8. तुलसी
  9. स्पिरुलिना  शैवाल
  10. अग्निहोत्र भस्म
  11. गंगा जल

लाभ :

  • फिटकरी कचरे को नीचे बिठाता है ।
  • पानी में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है ।
  • पानी से होनेवालें रोगों से बचाता है ।
  • पानी को पचने में हल्का बनाता है ।
  • गंगाजल से पानी शुद्ध एवं पवित्र होता है ।
  • मोरिंगा पानी को शुद्ध करता है तथा पानी में प्राण को बढ़ाता है ।
  • Spiriluma एक प्रकार का शैवाल है, जो पानी को ऊर्जायुक्त करता है ।
  • पानी को शुद्ध करने तथा Ph Value बढाने के लिए मोती के चूने का भी उपयोग किया जाता है ।

उपयोग: 

एक लीटर पानी में 10-15 बूँद

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Ancient Ayurvedic texts have described various methods and medicines to purify and clean water.

Most of water purifying medicines are naturally available at river banks and Nirmali Seeds, Naagarmoth, Ketaki are few important names among them.

Such medicines are mixed with Gangajal and Gomay bhasm to prepare these drops as prescribed in Ayurveda.

Use of Phitkari (alum) makes it specially effective.

Moti choona is used to purify water and improve the pH level of water.

Ingredients

  1. Nirmali Seed Extract
  2. Moringa Leaf Extract
  3. Lotus Roots Extract
  4. Moti Ka Chuna
  5. Phitakari
  6. Haldi Extract
  7. Kadhi Patta Extract
  8. Tulsi Extract
  9. Spiriluna Extract
  10. Agnihotra Bhasm Extract
  11. Ganga Jal

Usage – 10 to 15 drops in one litre water

 

 

Specification

Additional information

Weight 60 g

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