कश्यप संहिता में वर्णित अपने बच्चो को दें इम्युनिटी और विलक्षण बुद्धि का आयुर्वेदिक उपहार : "स्वर्णप्राशन"

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पुष्यनक्षत्र: 14 जून

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LeucoGreen Syrup / ल्यूकोग्रीन सिरप – मासिक संबंधित समस्याओ के लिए (200ml) Not for PREGNANT LADIES)

150.00

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मासिक संबंधित समस्याओ के लिए

LeucoGreen Syrup / ल्यूकोग्रीन सिरप

घटक:

  1. द्रव्यादि क्वाथ – 100 mg
  2. मायाफल – 50 mg
  3. पुष्यानुग चूर्ण – 100 mg
  4. लोधर चूर्ण – 100 mg
  5. तनकानखर – 25 mg
  6. धावादी – 50 mg
  7. पतंगा – 50 mg
  8. उशीर – 25 mg
लाभ :
  • यह सिरप स्त्रियों के प्रदर रोग में बहुत लाभदायी है ।
  • महिलाओं के श्वेत प्रदर, रक्त प्रदर एवं प्रदर के कारण होनेवाली विभिन्न तकलीफों को बहुत फायदा करता है ।
  • अनेक महिलाओं को प्रदर के कारण शरीर में कमजोरी आती है और शरीर निरंतर घिसता जाता है, ऐसे रोगों में “ल्युकोग्रीन सिरप” शरीर का घिसना बंध करके शरीर को स्वस्थ और सबल बनाता है ।
  • गर्भाशय के विभिन्न दोषों को दूर करके गर्भाशय को शुद्ध एवं सबल बनाता है ।
  • मासिक की विविध समस्याओं का निराकरण करके स्त्री को संपूर्ण स्वस्थ बनाता है ।
उपयोग: 

सुबह-दोपहर-शाम भोजन के बाद 2-2 चम्मच समभाग (अर्थात जितने चम्मच औषधि उतना ही पानी) पानी के साथ लें ।

किसको लेना चाहिए: 
  • प्रदर रोग से पीडित कोई भी महिला एवं स्वस्थ महिला भी स्वस्थ रहने के लिए इसका सेवन कर सकती है ।
  • अनियमित मासिक आता हो ऐसी महिला भी इसका सेवन कर सकती है ।

 

चेतावनी:

  • मासिक स्त्राव अधिक मात्रा में आता हो ऐसी महिला इसका सेवन न करें ।

  • गर्भावस्था में इसका सेवन न करें

 

*******************

Contains:

  • Darvyadi Kwath: 100 mg
  • Mayafal: 50 mg
  • Pushyanug Churna: 100 mg
  • Lodhar Churna: 100 mg
  • Tankankhar: 25 mg
  • Dhavadi: 50 mg
  • Patanga: 50 mg
  • Ushir: 25 mg
Benefits:
  • This Syrup is very useful in Leucorrhea
  • Helps in different problems due to all type of Leucorrhea
  • Very useful in weakness due to Leucorrhea
  • Takes care of Uterus related problems and make it strong and very healthy.
  • Takes care of many period related problems and hence increases overall health.

 

Usage –

Take 2 teaspoon syrup three times a day (Morning-Afternoon-Evening) after meal mixed with equal amount of water.

Who Should Take it:
  • Any lady who is suffering form Leucorrhea
  • Syrup can also be taken for general health by ladies.
  • Any lady who is sufferings from irregular periods can also consume it

CAUTION : Who Should NOT Take it:

  • Ladies suffering from Excess Bleeding during period should not take it.
  • Should not be consumed during pregnancy

 

Spread The Word / गुणवत्ता का प्रचार करें
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मासिक संबंधित समस्याओ के लिए

LeucoGreen Syrup / ल्यूकोग्रीन सिरप

कई अन्य  सिरप के निर्माण में में चीनी का उपयोग किया जाता है, जो शरीर के लिए हानिकारक है ।
ल्यूकोग्रीन सिरप में प्राकृतिक खड़ी शक्कर का उपयोग क़िया गया है,
जिसका कोई हानिकारक प्रभाव ना होने से आप बिना संकोच के इसका सेवन कर सकती है ।

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आयुर्वेद के ग्रंथों में महिलाओं के विभिन्न रोगों में उपयोगी औषधियों का वर्णन किया गया है ।

स्त्री रोगों के लिए आयुर्वेद के ग्रंथॉं में विभिन्न औषधियाँ बताई गई है, जिसमें देवदार्व्यादि क्वाथ, धातकी, टंकण क्षार इत्यादि ।

ऐसी औषधियों का मिश्रण करके शास्त्रीय पद्धति से “ल्युकोग्रीन सिरप” बनाया गया है ।

ल्युकोग्रीन सिरप में वर्षों के संशोधन का सार है और एवं अनेक महिलाओ को इसका लाभ मिला है।  

घटक:

  1. द्रव्यादि क्वाथ – 100 mg
  2. मायाफल – 50 mg
  3. पुष्यानुग चूर्ण – 100 mg
  4. लोधर चूर्ण – 100 mg
  5. तनकानखर – 25 mg
  6. धावादी – 50 mg
  7. पतंगा – 50 mg
  8. उशीर – 25 mg
लाभ :
  • यह सिरप स्त्रियों के प्रदर रोग में बहुत लाभदायी है ।
  • महिलाओं के श्वेत प्रदर, रक्त प्रदर एवं प्रदर के कारण होनेवाली विभिन्न तकलीफों को बहुत फायदा करता है ।
  • अनेक महिलाओं को प्रदर के कारण शरीर में कमजोरी आती है और शरीर निरंतर घिसता जाता है, ऐसे रोगों में “ल्युकोग्रीन सिरप” शरीर का घिसना बंध करके शरीर को स्वस्थ और सबल बनाता है ।
  • गर्भाशय के विभिन्न दोषों को दूर करके गर्भाशय को शुद्ध एवं सबल बनाता है ।
  • मासिक की विविध समस्याओं का निराकरण करके स्त्री को संपूर्ण स्वस्थ बनाता है ।
उपयोग: 

सुबह-दोपहर-शाम भोजन के बाद 2-2 चम्मच समभाग (अर्थात जितने चम्मच औषधि उतना ही पानी) पानी के साथ लें ।

किसको लेना चाहिए: 
  • प्रदर रोग से पीडित कोई भी महिला एवं स्वस्थ महिला भी स्वस्थ रहने के लिए इसका सेवन कर सकती है ।
  • अनियमित मासिक आता हो ऐसी महिला भी इसका सेवन कर सकती है ।

 

चेतावनी:

  • मासिक स्त्राव अधिक मात्रा में आता हो ऐसी महिला इसका सेवन न करें ।

  • गर्भावस्था में इसका सेवन न करें

 

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Ancient Ayurved gives details account of medicines useful for many female related diseases.

For gynae problems, Ayurveda suggests various medicines like devdarvyaadi kwath, dhaataki, tankan kshar, etc.

These medicines have been combined together using shastriya methods to prepare ‘Leucogreen syrup’.

This syrup is an extract of years of research and its benefits are plenty and observed by many.

Contains:

  • Darvyadi Kwath: 100 mg
  • Mayafal: 50 mg
  • Pushyanug Churna: 100 mg
  • Lodhar Churna: 100 mg
  • Tankankhar: 25 mg
  • Dhavadi: 50 mg
  • Patanga: 50 mg
  • Ushir: 25 mg
Benefits:
  • This Syrup is very useful in Leucorrhea
  • Helps in different problems due to all type of Leucorrhea
  • Very useful in weakness due to Leucorrhea
  • Takes care of Uterus related problems and make it strong and very healthy.
  • Takes care of many period related problems and hence increases overall health.

 

Usage –

Take 2 teaspoon syrup three times a day (Morning-Afternoon-Evening) after meal mixed with equal amount of water.

Who Should Take it:
  • Any lady who is suffering form Leucorrhea
  • Syrup can also be taken for general health by ladies.
  • Any lady who is sufferings from irregular periods can also consume it

CAUTION : Who Should NOT Take it:

  • Ladies suffering from Excess Bleeding during period should not take it.
  • Should not be consumed during pregnancy

 

Additional information

Weight 250 g

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LeucoGreen Syrup / ल्यूकोग्रीन सिरप - मासिक संबंधित समस्याओ के लिए (200ml) Not for PREGNANT LADIES)

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