Net Volume : 30 Capsules

बहोत सारी केप्स्युल जिलेटिन होती है, हमारी वेज केप्स्युल है…

रुमोग्रीन संयोजी ऊतक (connective tissue) के पुनर्निर्माण में सहायता करता है और जोड़ों के हिलने-डुलने में होनेवाली बाधा को दूर करता है । आर्थराइटिस और जोड़ों का दर्द बहुत व्यापक समस्या है जिसके कई कारण होते है जैसे जलवायु, जीवनशैली, काम करने की आदतें अथवा एक ही तरह का कार्य करते रहना । रुमोग्रीन के रोज नियमित सेवन से बहुत से रोगीयों को विभिन्न प्रकार के दर्द में बहुत लाभ हुआ है, जैसे osteoarthritis, कमर दर्द, कंधे की नसों का जमाव (frozen soulder) और जोड़ों की अन्य समस्याएँ । आयुर्वेद के ग्रंथों में ८० प्रकार के वात रोग बताए गए हैं । सभी प्रकार के वातज में महारास्नादि एवं विभिन्न प्रकार की औषधियाँ लाभदायी होती है । ऐसी औषधियों में मुख्यता से पुनर्नवा, योगराज गुग्गलु, अजमोदादि चूर्ण इत्यादि है । यह सारी औषधियाँ मिलाकर संस्कृति आर्य गुरुकुलम्‍ ने वातशामक औषधियों का मिश्रण करके हमने “रुमोग्रीन कैप्सूल” बनाई है ।

Rumogreen helps in rebuilding connective tissues and removes blockage in joint movement. Arthritis and joint pain is a widespread problem which is caused by many reasons like atmostphere, life-style, working habits and doing repetitive tasks. Regular daily use of Rumogreen has proved to be very beneficial in various types of pains like osteoarthritis, back-ache, frozen shoulder and other join related problems. Ayurveda describes 80 types of Vaata Rogas. Mahasnanadi and many such medicines are beneficial for all vaata rogas. These medicines primarily consist of punarnava, yojaraaj, guggulu, ajmodadi churna. Sanskruti Arya Gurukulam has made rumogreen capsules by combining these vaatashamak medicines.