गोधूली एप्प अब प्ले स्टोर पर उपलब्ध

स्वर्णप्राशन आरम्भ करने का अगला शुभ

पुष्यनक्षत्र: 01 अक्टूबर

Gaudhuli App

Now on Play Store
  • मंत्रौषधि स्वर्णप्राशनं / Mantroushadhi Swarnprashanam (प्रतिदिन देने के अनुसार कम से कम 5 आर्डर करें – बार बार मंगवाने के खर्च से बचने हेतु) )

    *कश्यपसंहिता में वर्णित 3 हज़ार वर्ष पुराना 
    आयुर्वेदिक टीकाकरण – स्वर्णप्राशन*

     

    • बालक की रोगप्रतिकार क्षमता बढती है
    • बालक के शारीरिक विकास में सकारात्मक गति लाता हैबालक के शारीरिक विकास में सकारात्मक गति लाता है
    • यह स्वर्णप्राशन स्मरणशक्ति और धारणशक्ति (grasping ability) बढाने वाले कई महत्वपूर्ण औषध से बना है।
    • पाचनक्षमता बढाता है
    • शारीरिक और मानसिक विकास के कारण वह ज्यादा चपल और बुद्धिमान बनता है।
    • स्वर्णप्राशन मेधा (बुद्धि), अग्नि ( पाचन अग्नि) और बल बढानेवाला है।
    • यह आयुष्यप्रद, कल्याणकारक, पुण्यकारक, वृष्य (पदार्थ जिससे वीर्य और बल बढ़ता है),
    • वर्ण्य (शरीर के वर्ण को तेजस्वी बनाने वाला) और ग्रहपीडा को दूर करनेवाला है
    • स्वर्णप्राशन के नित्य सेवन से मेधायुक्त बनता है श्रुतधर (सुना हुआ सब याद रखनेवाला) बनता है, अर्थात उसकी स्मरणशक्त्ति अतिशय बढती है।
    • Strong immunity Enhancer 
    • Ensures Physical development
    • Memory Booster
    • Makes child positively active and Intellect
    • Increased Digestive Power
    200.00
  • मंत्रौषधि जल शुद्धि बूँद / Water Purifier Drops : RO का आयुर्वेदिक विकल्प (30ml)

    RO का आयुर्वेदिक विकल्प

     

    मंत्रौषधि जल शुद्धि बूँद / Water Purifier Drops – for IDEAL pH

     

    आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथो में जल को शुद्ध करने के लिए विभिन्न औषधियों का वर्णन किया गया है ।

    जल को शुद्ध करनेवाली विभिन्न औषधियाँ प्रायः नदी के किनारे पर होती है और ऐसी औषधियों में निर्मलीबीज, नागरमोथ, केतकी इत्यादि मुख्य है ।

    इस प्रकार की औषधियाँ को मिश्रित करके गंगाजल में मिलाकर-गोमय भस्म का संयोजन करके विशिष्ट पद्धति से यह ड्रॉप्स बनाये जाते है ।

    फिटकरी का उपयोग होने से तो विशेष प्रभावी होता है ।

     

    प्रति 30 ml में घटक:

    1. निर्मली बीज
    2. मोरिंगा पत्ते
    3. कमल की जड़
    4. मोती का चूना
    5. फिटकरी
    6. हल्दी
    7. कढ़ी पत्ता
    8. तुलसी
    9. स्पिरुलिना  शैवाल
    10. अग्निहोत्र भस्म
    11. गंगा जल

    लाभ :

    • फिटकरी कचरे को नीचे बिठाता है ।
    • पानी में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है ।
    • पानी से होनेवालें रोगों से बचाता है ।
    • पानी को पचने में हल्का बनाता है ।
    • गंगाजल से पानी शुद्ध एवं पवित्र होता है ।
    • मोरिंगा पानी को शुद्ध करता है तथा पानी में प्राण को बढ़ाता है ।
    • Spiriluma एक प्रकार का शैवाल है, जो पानी को ऊर्जायुक्त करता है ।
    • पानी को शुद्ध करने तथा Ph Value बढाने के लिए मोती के चूने का भी उपयोग किया जाता है ।
    60.00
  • Matru Care Syrup (After Delivery) / मातृ केयर सिरप (प्रसूति के बाद सेवनीय)- (200ml)

    प्रसूति के बाद सेवनीय

    मातृ केयर सिरप

    खांड से निर्मित
    ***********

    घटक: (प्रति 200 ml)

    • दशमूल क्वाथ – 20%
    • देवदारवादी क्वाथ – 20%
    • मेथी दाना  – 20%
    • सतपुष्पा – 20%
    • सूंठी – 20%
    लाभ :
    • प्रसूति पश्चात गर्भाशय को शुद्ध करें
    • माता के दूध को बढ़ाने में सहायक
    • प्रसूता के लिए उपयोगी एवं प्रसूति पश्चात के दर्द से बचाएँ
    उपयोग: 

    प्रसूतावस्था के बाद 3 महीने तक दिन में तीन बार (प्रातः, दोपहर, सांय) 2 चम्मच सेवन करें

    ****************************************************

    To be used after delivery

    Matru Care Syrup

    Each 200ml Contains:

    • Dashmool Kwath- 20%
    •  Devdarvadi Kwath – 20%
    • Methi Dana- 20%
    • Satpushpa- 20%
    • Soonthi – 20%
    Benefits:
    • Purifies Uterus after delivery
    • Increase lactation in mothers post delivery
    • Useful in pain caused due to delivery.

     

    Usage –

    Take 2 teaspoon syrup three times a day (Morning-Afternoon-Evening)

     

    120.00
  • MestroGreen Capsules (Veg) – मासिक संबंधित समस्याओ के लिए (30 Capsules) (Not for PREGNANT LADIES)

    मासिक संबंधित समस्याओ के लिए

    MestroGreen Capsules (Veg)

    घटक (प्रत्येक 500mg कैप्सूल में है):
    1. रज:प्रवर्तिनीवटी 150 mg
    2. कन्यालोहादि वटी – 150 mg
    3. हींगु (निर्यास) – 100 mg
    4. शुद्ध सुहागा -100 mg
    लाभ :
    • मासिक धर्म की गड़बड़ी दूर करके मेन्सिस साईकल को नियमित करें ।
    • गर्भाशय को शुद्ध करके गर्भाशय की विकृतियों को दूर करें ।
    • गर्भाशय का पोषण करके गर्भाशय को सबल बनाता है ।
    उपयोग: 

    सुबह-दोपहर-शाम एक कैप्सूल पानी के साथ लें ।

    किसको लेना चाहिए: 
    • मेन्सिस अनियमित हो या किसी भी मासिकधर्म संबंधित विकृति में किसी भी आयु की स्त्री सेवन कर सकती है ।

    चेतावनी:

    • गर्भावस्था में इसका सेवन न करें

    **************************

     

    ONTAINS : Each 500 mg capsule contains

    1. Rajah Pravartini Vati: 150 mg
    2. Kanyalohadi Vati: 150 mg
    3. Hing Niryas: 100 mg
    4. Shuddha Suhaga: 100 mg
    Benefits:
    • Very useful in making periods regular
    • Makes Uterus healthy and gets rid of its other problems
    • Nourishes Uterus and makes it strong
    Usage –

    Take one capsule three times a day (Morning-Afternoon-Evening) with water.

    Who Should Take it:
    • Any lady suffering from irregular periods or any other mensuration related problems can take this.

    CAUTION : Who Should NOT Take it:

    • Should not be consumed during pregnancy

     

    160.00
  • LeucoGreen Syrup / ल्यूकोग्रीन सिरप – मासिक संबंधित समस्याओ के लिए (200ml) Not for PREGNANT LADIES)

    मासिक संबंधित समस्याओ के लिए

    LeucoGreen Syrup / ल्यूकोग्रीन सिरप

    घटक:

    1. द्रव्यादि क्वाथ – 100 mg
    2. मायाफल – 50 mg
    3. पुष्यानुग चूर्ण – 100 mg
    4. लोधर चूर्ण – 100 mg
    5. तनकानखर – 25 mg
    6. धावादी – 50 mg
    7. पतंगा – 50 mg
    8. उशीर – 25 mg
    लाभ :
    • यह सिरप स्त्रियों के प्रदर रोग में बहुत लाभदायी है ।
    • महिलाओं के श्वेत प्रदर, रक्त प्रदर एवं प्रदर के कारण होनेवाली विभिन्न तकलीफों को बहुत फायदा करता है ।
    • अनेक महिलाओं को प्रदर के कारण शरीर में कमजोरी आती है और शरीर निरंतर घिसता जाता है, ऐसे रोगों में “ल्युकोग्रीन सिरप” शरीर का घिसना बंध करके शरीर को स्वस्थ और सबल बनाता है ।
    • गर्भाशय के विभिन्न दोषों को दूर करके गर्भाशय को शुद्ध एवं सबल बनाता है ।
    • मासिक की विविध समस्याओं का निराकरण करके स्त्री को संपूर्ण स्वस्थ बनाता है ।
    उपयोग: 

    सुबह-दोपहर-शाम भोजन के बाद 2-2 चम्मच समभाग (अर्थात जितने चम्मच औषधि उतना ही पानी) पानी के साथ लें ।

    किसको लेना चाहिए: 
    • प्रदर रोग से पीडित कोई भी महिला एवं स्वस्थ महिला भी स्वस्थ रहने के लिए इसका सेवन कर सकती है ।
    • अनियमित मासिक आता हो ऐसी महिला भी इसका सेवन कर सकती है ।

     

    चेतावनी:

    • मासिक स्त्राव अधिक मात्रा में आता हो ऐसी महिला इसका सेवन न करें ।

    • गर्भावस्था में इसका सेवन न करें

     

    *******************

    Contains:

    • Darvyadi Kwath: 100 mg
    • Mayafal: 50 mg
    • Pushyanug Churna: 100 mg
    • Lodhar Churna: 100 mg
    • Tankankhar: 25 mg
    • Dhavadi: 50 mg
    • Patanga: 50 mg
    • Ushir: 25 mg
    Benefits:
    • This Syrup is very useful in Leucorrhea
    • Helps in different problems due to all type of Leucorrhea
    • Very useful in weakness due to Leucorrhea
    • Takes care of Uterus related problems and make it strong and very healthy.
    • Takes care of many period related problems and hence increases overall health.

     

    Usage –

    Take 2 teaspoon syrup three times a day (Morning-Afternoon-Evening) after meal mixed with equal amount of water.

    Who Should Take it:
    • Any lady who is suffering form Leucorrhea
    • Syrup can also be taken for general health by ladies.
    • Any lady who is sufferings from irregular periods can also consume it

    CAUTION : Who Should NOT Take it:

    • Ladies suffering from Excess Bleeding during period should not take it.
    • Should not be consumed during pregnancy

     

    150.00
  • Book: पुस्तक: – एक गाय की आत्मकथा (हिंदी) – लेखक : गिरीश पंकज

    गर्भ विज्ञान सम्बन्धी सर्व विषयो पर की जानकारी देती एकमात्र पुस्तक

    180.00200.00

Main Menu