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Book: जागो माँ | लेखक: रवि सिंह चौधरी – हिंदी (पेपरबैक)

Original price was: ₹449.00.Current price is: ₹399.00.

“जागो माँ” उन सभी पाठकों के लिए है जिन्होंने जीवन में कभी न कभी यह अनुभव किया है कि कोई अदृश्य शक्ति उनका मार्गदर्शन कर रही है, उनकी रक्षा कर रही है

लेखक: रवि सिंह चौधरी

रवि सिंह चौधरी एक विपुल लेखक हैं, जिनकी रचनाएँ प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और समकालीन जीवन के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती हैं। भारतीय ज्ञान-संपदा के संरक्षण, पुनर्पाठ और आधुनिक संदर्भों में उसके पुनर्जीवन के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता रही है।

उन्होंने ऋषि इंटेलिजेंस, चाणक्यज़ इंटेलिजेंस और वृक्षायुर्वेद संहिता जैसी अनेक प्रभावशाली पुस्तकों का लेखन किया है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक सरल और सार्थक रूप में पहुँचाने का प्रयास करती हैं।

Ravi Singh Choudhary

Ravi Singh Choudhary is a prolific author whose works bridge ancient wisdom and contemporary relevance. With a deep commitment to preserving and revitalizing traditional knowledge systems, He has authored several influential books, including Rishi Intelligence, Chanakya’s Intelligence, and Vrikshayurveda Samhita.

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Description

यह कहानी एक छह वर्ष के बालक की महालय की भोर से शुरू होती है। वही बालक आगे चलकर भारत की विविध भूमि पर माँ शक्ति के अनेक रूपों से साक्षात्कार करता है—राजस्थान के वीरान मरुस्थल में विराजमान तनोट माता, झारखंड के जंगलों में पूजित लोकदेवियाँ, बोकारो के दुर्गा पूजा पंडाल, काशी और कोलकाता की जीवंत आध्यात्मिक चेतना, और अंततः कश्मीर के गहन दार्शनिक रहस्यों तक।

इस यात्रा में पाठक कुड़ा के गणक ठाकुर की रहस्यमयी पांडुलिपियों, कोलबेंडी की अकालबोधन पूजा, दक्षिणेश्वर की काली, तंत्र–मंत्र–यंत्र के विज्ञान, दिव्य शक्ति के महालक्ष्मी, महासरस्वती और महाकाली के त्रिकोणीय स्वरूप, दशमहाविद्या के गूढ़ विस्तार और अंततः कश्मीर शैव दर्शन के छत्तीस तत्त्वों की अद्भुत यात्रा का साक्षी बनता है।

“जागो माँ” उन सभी पाठकों के लिए है जिन्होंने जीवन में कभी न कभी यह अनुभव किया है कि कोई अदृश्य शक्ति उनका मार्गदर्शन कर रही है, उनकी रक्षा कर रही है।

यह पुस्तक केवल स्मृतियों का संग्रह नहीं, बल्कि उन प्रश्नों की खोज है जो हर साधक के मन में कभी न कभी उठते हैं—

  • यदि आदि शक्ति एक ही हैं, तो उनके इतने विविध नाम और स्वरूप क्यों हैं?
  • दुर्गा और छिन्नमस्तिका में मूलभूत अंतर क्या है?
  • मानव सभ्यता में देवी-स्वरूप की कल्पना और आराधना कितनी प्राचीन है?
  • क्या तंत्र और रहस्यवाद वास्तव में उतने ही भयावह हैं जितना उन्हें प्रायः समझा जाता है, या उनके भीतर चेतना का कोई गहन विज्ञान छिपा है?

“जागो माँ” स्मृति, अनुभव और दर्शन का एक ऐसा संगम है, जो आधुनिक जीवन जी रहे सामान्य मनुष्य को यह समझने और अनुभव करने की दिशा देता है कि दिव्य स्त्री शक्ति केवल पूजा का विषय नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक आयाम में विद्यमान एक जीवंत सत्य है।

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Original price was: ₹449.00.Current price is: ₹399.00.